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उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का आज यानि गुरुवार को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अपने विदाई समारोह में उन्होंने भाषण दिया और एक बार फिर उन्होंने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की। अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
 इस बीच उन्होंने कहा कि मेरे कार्यकाल हॉकी मैच की तरह रहा, जिसमें मेरी भूमिका एक रेफरी की तरह रही है। बता दें कि उनकी ओर से अल्पसंख्यकों की असुरक्षा की भावना को लेकर पहले भी विवाद खड़ा हो चुका है।

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दरअसल, हामिद अंसारी ने देश के मुस्लिमों में असुरक्षा और घबराहट के माहौल पर चिंता व्यक्त की थी। उपराष्ट्रपति के तौर पर अपने अंतिम इंटरव्यू में हामिद अंसारी ने कहा कि वह देश में बढ़ती असहनशीलता का मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी उठा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि देश के किसी भी नागरिक को अपनी भारतीयता को साबित करना अखरता है। अगर हम भारत में रह रहे हैं तो यही हमारी भारतीयता को साबित करता है। भीड़ के हाथों हत्याएं, अंधविश्वास, घर वापसी और बीफ बैन जैसे मुद्दों से भारतीय मूल्यों में कमी आई है।